बालोदविधान सभा उपचुनाव का परिणाम, 1980
एच.एल. सोनबेर (INC(I)) ने 1980 के विधान सभा उपचुनाव में 45.8% वोट पाकर बालोद सीट जीती और जे.एल. तवारी (JNP(JP)) को 8,802 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 167 निवास थी। छत्तीसगढ़ के अलग राज्य बनने के बाद, 2003 के चुनाव के लिए सीटों के नंबर बदले गए। 2003 से सीट नंबर 167 गुलाना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एच.एल. सोनबेर 18.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एच.एल. सोनबेर | 21,73545.8% | |
| 2 | जे.एल. तवारी JNP(JP) | JNP(JP) | 12,93327.2% |
| 3 | बी.एस. साहू निर्दलीय | निर्दलीय | 8,17617.2% |
| 4 | ए. चौधरी JNP(SC) | JNP(SC) | 2,3354.9% |
| 5 | एन.आर. पवार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2192.6% |
| 6 | जे. लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0772.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।