डोंगरगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
एम. तिवारी (SSP) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 51.6% वोट पाकर डोंगरगांव सीट जीती और ए. भाई (INC) को 2,723 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 149 कवर्धा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 149 कोंडागांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. तिवारी | 13,53751.6% | |
| 2 | ए. भाई | 10,81441.2% | |
| 3 | ए. दुबे वाम दल | वाम दल | 1,1534.4% |
| 4 | एस. एल. बग्गा Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 7432.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SSP और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डोंगरगांव से कौन जीता, 1967–1972
इसके बाद 1972 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1967एम. तिवारी (SSP), जीत का अंतर 10.4%
- 1972एस. जयराम अय्यर (INC), जीत का अंतर 17.4%