पलारीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
बी. सिंह (INC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 57.6% वोट पाकर पलारी सीट जीती और बी. बंजारे (BJS) को 8,568 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 114 पिथौरा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 114 जरहागांव है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बी. सिंह 45.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बी. सिंह | 10,84657.6% | |
| 2 | बी. बंजारे Bharatiya Jana Sangh | Bharatiya Jana Sangh | 2,27812.1% |
| 3 | बी. अमोली निर्दलीय | निर्दलीय | 1,88610.0% |
| 4 | एम. नंदू निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5188.1% |
| 5 | दयावंतदास | 8464.5% | |
| 6 | सुदर्शन निर्दलीय | निर्दलीय | 6873.6% |
| 7 | परौ | 4552.4% | |
| 8 | टी. महिलांग निर्दलीय | निर्दलीय | 3251.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, BJS और एक निर्दलीय को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.73 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पलारी से कौन जीता, 1967–1972
इसके बाद 1972 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1967बी. सिंह (INC), जीत का अंतर 45.5%
- 1972फूलसिंह (INC), जीत का अंतर 52.6%