डालूविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2008
सैमुअल संगमा (INC) ने 2008 के विधान सभा चुनाव में 35.5% वोट पाकर डालू सीट जीती और नित्य नारायण सिमचांग (निर्दलीय) को 280 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 55 अम्पातीगिरी थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 55 सलमानपाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सैमुअल संगमा 2.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सैमुअल संगमा UPA | UPA | 4,88635.5% |
| 2 | नित्य नारायण सिमचांग निर्दलीय | निर्दलीय | 4,60633.5% |
| 3 | पानसेंग आर. मारक UPA | UPA | 3,14622.9% |
| 4 | गोपाल ए. संगमा UDP | UDP | 4783.5% |
| 5 | गोडविन डी. शिरा NDA | NDA | 2291.7% |
| 6 | जान एन. अरेंग निर्दलीय | निर्दलीय | 2281.7% |
| 7 | क्रिस काबुल ए. संगमा NDA | NDA | 1751.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.42 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
उम्मीदवारों ने क्या घोषित किया
उम्मीदवारों ने अपने चुनावी हलफ़नामों में आपराधिक मामले घोषित किए दर्ज मामलों का मतलब सज़ा नहीं है — किसी लंबित मामले से कोई दोषी साबित नहीं होता।
घोषित संपत्ति का मध्य मान ₹0.17 करोड़ आधे उम्मीदवारों की संपत्ति इससे कम है।
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
डालू से कौन जीता, 1978–2008
INC ने यह सीट NCP से छीन ली, जिसने इसे 2003 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1993 में जीत दर्ज की थी। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2003 के 71.9% से बढ़कर 91.3% हो गया।
- 1978मुकुल दास (IND), जीत का अंतर 1.8%
- 1983कमल आर. भौमिक (INC), जीत का अंतर 10.5%
- 1988माउंटबेटन संगमा (INC), जीत का अंतर 10.3%
- 1993आर्चिबोल्ड ए. संगमा (INC), जीत का अंतर 19.4%
- 1998नित्यनारायण सिमचांग (BJP), जीत का अंतर 2.8%
- 2003श्री सैमुअल संगमा (NCP), जीत का अंतर 2.4%
- 2008सैमुअल संगमा (INC), जीत का अंतर 2.0%