सलमानपाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1993
गोपिनाथ संगमा (INC) ने 1993 के विधान सभा चुनाव में 40.2% वोट पाकर सलमानपाड़ा सीट जीती और निमरसन मोमिन (निर्दलीय) को 424 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 59 दालमगिरी थी। 2008 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2013 से सीट नंबर 59 चोकपोट है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। गोपिनाथ संगमा 3.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गोपिनाथ संगमा | 4,89840.2% | |
| 2 | निमरसन मोमिन निर्दलीय | निर्दलीय | 4,47436.7% |
| 3 | मेक्सेंसन संगमा HPU | HPU | 2,81623.1% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और HPU को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2013 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2013 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सलमानपाड़ा से कौन जीता, 1978–2008
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1988 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1988 के 77.3% से बढ़कर 79.5% हो गया। इसके बाद 1998 के चुनाव में यह सीट UDP ने जीती।