पारोलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
डॉ. सतीश भास्करराव पाटिल (NCP) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 41.9% वोट पाकर पारोला सीट जीती और पाटिल चिमणराव रूपचंद (SHS) को 147 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 91 यावल थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 91 मुखेड है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पारोला का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 147 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. सतीश भास्करराव पाटिल कांग्रेस-NCP गठबंधन (डेमोक्रेटिक फ्रंट, महाराष्ट्र) (UPA गठबंधन) | कांग्रेस-NCP गठबंधन (डेमोक्रेटिक फ्रंट, महाराष्ट्र) (UPA गठबंधन) | 65,34641.9% |
| 2 | पाटिल चिमणराव रूपचंद | 65,19941.8% | |
| 3 | प्रदीप गुलाबराव पवार निर्दलीय | निर्दलीय | 15,0249.6% |
| 4 | मालचे राजेश सुकराम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7002.4% |
| 5 | साल्वे सुमनबाई राजाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3222.1% |
| 6 | आबासाहेब चिमणराव पाटिल NDA | NDA | 1,7461.1% |
| 7 | मोरे सुरेन्द्र चन्द्र | 1,7131.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
NCP, SHS और एक निर्दलीय को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पारोला से कौन जीता, 1978–2004
NCP ने यह सीट SHS से छीन ली, जिसने इसे 1999 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह NCP की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1999 के 60.2% से बढ़कर 69.2% हो गया।
- 1978उत्तमराव पाटिल (JNP), जीत का अंतर 20.0%
- 1980पाटिल भास्करराव राजाराम (IND), जीत का अंतर 12.2%
- 1985वसंतराव जीवनराव मोरे (ICS), जीत का अंतर 24.6%
- 1990मोरे वसंतराव जीवनराव (INC), जीत का अंतर 2.7%
- 1995पाटिल भास्करराव राजाराम (IND), जीत का अंतर 22.7%
- 1999पाटिल चिमणराव रूपचंद (SHS), जीत का अंतर 4.2%
- 2004डॉ. सतीश भास्करराव पाटिल (NCP), जीत का अंतर 0.1%