चंदगडविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
पाटिल नरसिंगराव गुरुनाथ (JSS) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 32.5% वोट पाकर चंदगड सीट जीती और पाटिल भरमू सुब्बाराव (SHS) को 11 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 288 नहीं थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 288 जत है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
चंदगड का फ़ैसला सिर्फ़ 0.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 11 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पाटिल नरसिंगराव गुरुनाथ JSS | JSS | 47,73832.5% |
| 2 | पाटिल भरमू सुब्बाराव | 47,72732.5% | |
| 3 | गोपालराव मोतीराम पाटिल UPA | UPA | 43,20429.4% |
| 4 | कांबले बी. के. सर | 1,6881.1% | |
| 5 | सुतार नामदेव बसवंत निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5291.0% |
| 6 | दरवाजकर बशीर गुलमहम्मद ABHS | ABHS | 1,3790.9% |
| 7 | नाटलेकर रामचंद्र आनंदा | 1,0790.7% | |
| 8 | आर. एन. पाटिल (गुरूजी) PWPI | PWPI | 1,0700.7% |
| 9 | कांबले आनंदराव दत्तात्रय निर्दलीय | निर्दलीय | 9850.7% |
| 10 | जगदीश पृथ्वीराज देसाई निर्दलीय | निर्दलीय | 5620.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चंदगड से कौन जीता, 1978–2004
JSS ने यह सीट NCP से छीन ली, जिसने इसे 1999 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह JSS की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1999 के 79.2% से बढ़कर 82.0% हो गया।
- 1978पाटिल विठ्ठलराव भैरु (IND), जीत का अंतर 1.1%
- 1980वी. के. चव्हाण पाटिल (INC(I)), जीत का अंतर 8.4%
- 1985चव्हाण पाटिल वी. के. (INC), जीत का अंतर 3.0%
- 1990पाटिल नरसिंगराव गुरुनाथ (INC), जीत का अंतर 22.0%
- 1995पाटिल भरमू सुब्राव (IND), जीत का अंतर 4.0%
- 1999पाटिल नरसिंगराव गुरुनाथ (NCP), जीत का अंतर 5.7%
- 2004पाटिल नरसिंगराव गुरुनाथ (JSS), जीत का अंतर 0.0%