करजतविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
सदाशिव किसन लोखंडे (BJP) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 47.8% वोट पाकर करजत सीट जीती और अरविन्द शाहूराव कालूखे (INC) को 6,473 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 227 खेड आलन्दी थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 227 करजत जामखेड है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सदाशिव किसन लोखंडे शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | 56,52447.8% |
| 2 | अरविन्द शाहूराव कालूखे UPA | UPA | 50,05142.3% |
| 3 | मेघाडंबर अशोक कान्हूजी RSPS | RSPS | 4,0983.5% |
| 4 | प्रभाकर रूपवते | 2,0961.8% | |
| 5 | सुनील अजिनाथ सालवे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9811.7% |
| 6 | मिसाल बबन सीताराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4461.2% |
| 7 | रक्षे राजेन्द्र मधुकर BBM | BBM | 7870.7% |
| 8 | सालवे संजय धोंडीराम निर्दलीय | निर्दलीय | 6270.5% |
| 9 | मधुकर यशवंतराव लोंढे निर्दलीय | निर्दलीय | 4230.4% |
| 10 | तुपे अनिल दशरथ निर्दलीय | निर्दलीय | 3110.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, INC और RSPS को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
करजत से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1995 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 56.3% से घटकर 47.8% रह गया। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1999 के 57.2% से बढ़कर 59.7% हो गया।
- 1978कांबले बाजीराव दशरथ (RPI), जीत का अंतर 0.0%
- 1980निकालजे दगडू सखाराम (INC(U)), जीत का अंतर 13.1%
- 1985दगडू सखाराम निकालजी (गुरूजी) (INC), जीत का अंतर 5.6%
- 1990भैलुमे विट्ठल सहादू (INC), जीत का अंतर 22.4%
- 1995लोखंडे सदाशिव किसन (BJP), जीत का अंतर 21.6%
- 1999लोखंडे सदाशिव किसन (BJP), जीत का अंतर 38.8%
- 2004सदाशिव किसन लोखंडे (BJP), जीत का अंतर 5.5%