हदगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
वानखेडे सुभाष बापुराव (SHS) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 34.4% वोट पाकर हदगांव सीट जीती और पवार माधवराव निवृत्तिराव (INC) को 3,738 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 169 जिन्तूर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 169 घाटकोपर पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। वानखेडे सुभाष बापुराव 2.5% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वानखेडे सुभाष बापुराव शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | शिवसेना-BJP युति (NDA गठबंधन) | 51,84234.4% |
| 2 | पवार माधवराव निवृत्तिराव UPA | UPA | 48,10431.9% |
| 3 | चाभरकर गंगाधर बिभीषण BBM | BBM | 27,96618.6% |
| 4 | पाटिल बापुराव शिवराम निर्दलीय | निर्दलीय | 15,87310.5% |
| 5 | हुक्के मारोती कान्होबा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,3861.6% |
| 6 | राठोड प्रकाश बाबाराव | 2,0691.4% | |
| 7 | जाधव सुरेश सीताराम निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3940.9% |
| 8 | पोतदार श्रीनिवास वैजनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 9880.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हदगांव से कौन जीता, 1978–2004
SHS ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1995 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 35.1% से घटकर 34.4% रह गया। यह 1980 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1999 के 61.6% से बढ़कर 73.9% हो गया।
- 1978पवार निवृत्तिराव महादजी (JNP), जीत का अंतर 0.0%
- 1980पाटिल सूर्यकांता जलवंतराव (INC(I)), जीत का अंतर 0.7%
- 1985बापुराव पाटिल अशितकर (ICS), जीत का अंतर 18.6%
- 1990अष्टीकर बापुराव शिवराम पाटिल (INC), जीत का अंतर 6.2%
- 1995वानखेडे सुभाष बापुराव (SHS), जीत का अंतर 5.1%
- 1999सुभाष बापुराव वानखेडे (SHS), जीत का अंतर 2.5%
- 2004वानखेडे सुभाष बापुराव (SHS), जीत का अंतर 2.5%