रालेगांवविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
प्रो. पुरके वसंत चिंधुजी (INC) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 45.9% वोट पाकर रालेगांव सीट जीती और प्रो. डॉ. अशोक रामाजी उइके (SHS) को 11,218 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 161 बिलोली थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 161 चारकोप है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
8.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रो. पुरके वसंत चिंधुजी कांग्रेस-NCP गठबंधन (डेमोक्रेटिक फ्रंट, महाराष्ट्र) (UPA गठबंधन) | कांग्रेस-NCP गठबंधन (डेमोक्रेटिक फ्रंट, महाराष्ट्र) (UPA गठबंधन) | 64,68645.9% |
| 2 | प्रो. डॉ. अशोक रामाजी उइके | 53,46838.0% | |
| 3 | माधव झिंगराजी कोहले | 11,1527.9% | |
| 4 | बापुराव दामाजी आडे निर्दलीय | निर्दलीय | 3,5562.5% |
| 5 | तुकारामजी रावजी मेश्राम निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1582.2% |
| 6 | दिलीप भाऊरावजी कन्नाके निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6371.2% |
| 7 | राजगडकर नेताजी तानबाजी | 1,5921.1% | |
| 8 | माधुरी काशिनाथ अंजिकर SVRP | SVRP | 8210.6% |
| 9 | चन्द्रभान तुलशीराम राद्री निर्दलीय | निर्दलीय | 7900.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, SHS और BSP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रालेगांव से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1995 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.3% से घटकर 45.9% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1999 के 60.6% से बढ़कर 72.6% हो गया।
- 1978धुर्वे सुधाकरराव बकारामजी (INC(I)), जीत का अंतर 71.4%
- 1980धुर्वे सुधाकरराव बकाराम (INC(I)), जीत का अंतर 71.7%
- 1985उइके गुलाबराव बाजीराव (INC), जीत का अंतर 32.0%
- 1990नेताजी तानबाजी राजगडकर (JD), जीत का अंतर 8.5%
- 1995पुरके वसंत चिंधुजी (INC), जीत का अंतर 9.9%
- 1999पुरके वसंत चिंधुजी (INC), जीत का अंतर 22.3%
- 2004प्रो. पुरके वसंत चिंधुजी (INC), जीत का अंतर 8.0%