सावनेरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
केदार सुनील छत्रपाल (निर्दलीय) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 41.3% वोट पाकर सावनेर सीट जीती और आसोले देवराव विठ्ठलराव (BJP) को 13,467 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 140 आरमोरी थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 140 अम्बरनाथ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | केदार सुनील छत्रपाल निर्दलीय | निर्दलीय | 61,86341.3% |
| 2 | आसोले देवराव विठ्ठलराव NDA | NDA | 48,39632.3% |
| 3 | जैन अमरचन्द फूलचंद | 18,29312.2% | |
| 4 | प्रो. चंदनसिंह प्रेमसिंह रोटेले UPA | UPA | 9,4996.3% |
| 5 | पाल सुनील शामराव निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6142.4% |
| 6 | ढोले प्रमोद नामदेवराव निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1331.4% |
| 7 | दिनेश कालूराम उइके | 1,5701.1% | |
| 8 | फुसे घनश्याम रामाजी PRBP | PRBP | 1,2150.8% |
| 9 | चौधरी नामदेव चिंधबा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0800.7% |
| 10 | दिनेशबाबू पांडुरंग कडू निर्दलीय | निर्दलीय | 8760.6% |
| 11 | राजेश देविदास जवादे NDA | NDA | 7240.5% |
| 12 | केदार अरुण तेजराव VRP | VRP | 5360.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सावनेर से कौन जीता, 1978–2004
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट BJP से छीन ली, जिसने इसे 1999 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1999 के 65.6% से बढ़कर 74.5% हो गया।
- 1978नाईक रामजी चिमन (INC(I)), जीत का अंतर 17.5%
- 1980नाईक रामजी चिमन (INC(I)), जीत का अंतर 12.2%
- 1985देशमुख रंजीत अरविंदबाबू (INC), जीत का अंतर 13.7%
- 1990रंजीत अरविंदबाबू देशमुख (INC), जीत का अंतर 4.5%
- 1995सुनील छत्रपाल केदार (IND), जीत का अंतर 15.1%
- 1999देवराव विठ्ठलराव आसोले (BJP), जीत का अंतर 3.6%
- 2004केदार सुनील छत्रपाल (IND), जीत का अंतर 9.0%