साक्रीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
चौधरी गोविंदभाऊ शिवराम (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 35.8% वोट पाकर साक्री सीट जीती और चौरे बापू हरि (INC) को 113 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 80 धुलिया उत्तर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 80 आर्णी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
साक्री का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 113 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चौधरी गोविंदभाऊ शिवराम | 29,40235.8% | |
| 2 | चौरे बापू हरि | 29,28935.6% | |
| 3 | बागुल डोंगर कन्हैया राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 10,10212.3% |
| 4 | सूर्यवंशी वसंतराव दोधा निर्दलीय | निर्दलीय | 7,6039.2% |
| 5 | मालुसरे सुकराम भुर्या निर्दलीय | निर्दलीय | 4,4015.3% |
| 6 | गावित कमलाबाई गोविंदराव निर्दलीय | निर्दलीय | 5530.7% |
| 7 | पवार भिवा भटू निर्दलीय | निर्दलीय | 4350.5% |
| 8 | भील रामदास जंगलू | 3920.5% | |
| 9 | गायकवाड खुशाल तानाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 750.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.56 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
साक्री से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 64.5% से घटकर 35.8% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 58.3% से घटकर 50.5% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978मालुसरे सुकराम भुर्या (INC(I)), जीत का अंतर 1.8%
- 1980मालुसरे सुकराम भुर्या (INC(I)), जीत का अंतर 6.0%
- 1985गोविंदराव शिवराम चौधरी (BJP), जीत का अंतर 30.8%
- 1990चौधरी गोविंदभाऊ शिवराम (BJP), जीत का अंतर 0.1%
- 1995चौधरी गोविंदराव शिवराम (BJP), जीत का अंतर 8.5%
- 1999सूर्यवंशी वसंत दोधा (BBM), जीत का अंतर 8.1%
- 2004अहिरे धनाजी सीताराम उर्फ़ डी. एस. अहिरे (INC), जीत का अंतर 11.4%