कुर्लाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
मयेकर रमाकांत शंकर (SHS) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 40.5% वोट पाकर कुर्ला सीट जीती और डी. सिल्वा सेलिन ए. (INC) को 5,251 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 49 ठाणे थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 49 सावनेर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। मयेकर रमाकांत शंकर 3.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मयेकर रमाकांत शंकर | 64,79440.5% | |
| 2 | डी. सिल्वा सेलिन ए. | 59,54337.2% | |
| 3 | चित्तरंजन शर्मा राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 32,24820.2% |
| 4 | शेरखान के. ए. निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4040.9% |
| 5 | जोसे निलक्कल निर्दलीय | निर्दलीय | 4430.3% |
| 6 | सय्यद मजहरुद्दीन BRP | BRP | 4180.3% |
| 7 | अनीश नक़वी निर्दलीय | निर्दलीय | 3660.2% |
| 8 | सिंह लोकनाथ ए. | 3600.2% | |
| 9 | शेख मुईनुद्दीन डी. एम. LKD(B) | LKD(B) | 1510.1% |
| 10 | गगनचंद्र डी. भारती DMM | DMM | 1480.1% |
| 11 | पंढरी बिकानू यादव निर्दलीय | निर्दलीय | 530.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SHS, INC और JD को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.91 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुर्ला से कौन जीता, 1978–2004
SHS ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह SHS की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 46.0% से बढ़कर 53.3% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी SHS ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978खान शमसुल हक (JNP), जीत का अंतर 10.9%
- 1980दत्ता सामन्त (IND), जीत का अंतर 10.2%
- 1985डी. सिल्वा सेलिन (INC), जीत का अंतर 21.9%
- 1990मयेकर रमाकांत शंकर (SHS), जीत का अंतर 3.3%
- 1995चव्हाण शांताराम सीताराम (SHS), जीत का अंतर 24.1%
- 1999खान मोहम्मद आरिफ नसीम (INC), जीत का अंतर 12.0%
- 2004खान मोहम्मद आरिफ (नसीम) (INC), जीत का अंतर 19.7%