चेम्बूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
अडवानी हशू (BJP) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 47.8% वोट पाकर चेम्बूर सीट जीती और चंद्रकांत हंडोरे (RPI) को 668 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 47 घाटकोपर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 47 वर्धा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
चेम्बूर का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 668 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अडवानी हशू | 49,73947.8% | |
| 2 | चंद्रकांत हंडोरे | 49,07147.1% | |
| 3 | धारपवार तुकाराम महादेव राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 3,8673.7% |
| 4 | एस. टी. सेनगुप्ता ICS(SCS) | ICS(SCS) | 7610.7% |
| 5 | सारंग इलियास कासम DMM | DMM | 3040.3% |
| 6 | तिवारी रामधारी रामसमुख | 2190.2% | |
| 7 | गोविन्द भद्रिचा निर्दलीय | निर्दलीय | 1730.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और RPI को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चेम्बूर से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 50.8% से बढ़कर 54.5% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978आडवाणी हशू परसराम (JNP), जीत का अंतर 31.1%
- 1980अडवानी हशू परसराम (BJP), जीत का अंतर 6.4%
- 1985परिहार पार्वती लक्ष्मीनारायण (INC), जीत का अंतर 9.4%
- 1990अडवानी हशू (BJP), जीत का अंतर 0.6%
- 1995अडवानी हशू (BJP), जीत का अंतर 10.7%
- 1999प्रमोद शिरवलकर (BJP), जीत का अंतर 35.6%
- 2004चंद्रकांत हंडोरे (INC), जीत का अंतर 2.1%