धारावीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
एकनाथ एम. गायकवाड (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 41.3% वोट पाकर धारावी सीट जीती और रमेश मेढ़ेकर (BJP) को 7,213 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 35 नायगांव थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 35 करंजा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एकनाथ एम. गायकवाड | 46,64341.3% | |
| 2 | रमेश मेढ़ेकर | 39,43034.9% | |
| 3 | सत्येन्द्र मोरे वाम दल | वाम दल | 13,61412.1% |
| 4 | वसंत मोरे निर्दलीय | निर्दलीय | 10,5979.4% |
| 5 | बलवंत काकडे | 1,1151.0% | |
| 6 | खंडारे निवृत्ती हरिबा DMM | DMM | 6280.6% |
| 7 | भिमराव सिद्दाजी कटकधोंड निर्दलीय | निर्दलीय | 4110.4% |
| 8 | कावले दौलतराम भुजिंगराव निर्दलीय | निर्दलीय | 2600.2% |
| 9 | रकमाजी भीमशा होटकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1050.1% |
| 10 | यशवंत गोपाल थोरात निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 88% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.16 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
धारावी से कौन जीता, 1978–2004
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.3% से घटकर 41.3% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 42.1% से बढ़कर 48.0% हो गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट SHS ने जीती।
- 1978सत्येन्द्र मोरे (CPM), जीत का अंतर 27.9%
- 1980प्रेमानंद आवले (INC(I)), जीत का अंतर 31.2%
- 1985एकनाथ एम. गायकवाड (INC), जीत का अंतर 16.5%
- 1990एकनाथ एम. गायकवाड (INC), जीत का अंतर 6.4%
- 1995माने बाबुराव जोतिराम (SHS), जीत का अंतर 19.0%
- 1999एकनाथ एम. गायकवाड (INC), जीत का अंतर 8.5%
- 2004गायकवाड वर्षा एकनाथ (INC), जीत का अंतर 12.9%