आरमोरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
वारखडे हरिराम आत्माराम (SHS) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 42.9% वोट पाकर आरमोरी सीट जीती और वीकी सुखदेवबाबू पुंडलीक (INC) को 7,837 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 151 केलापुर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 151 बेलापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वारखडे हरिराम आत्माराम | 36,51842.9% | |
| 2 | वीकी सुखदेवबाबू पुंडलीक | 28,68133.7% | |
| 3 | मरकाम राजेन्द्रसिंह श्यामसुंदरसिंह ठाकुर राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 13,61316.0% |
| 4 | उसेण्डी मुखरू सुंदरशा निर्दलीय | निर्दलीय | 3,4364.0% |
| 5 | राऊत केशव हिरामण निर्दलीय | निर्दलीय | 9811.1% |
| 6 | तारम सीताराम माधो निर्दलीय | निर्दलीय | 9631.1% |
| 7 | पेंदाम परसराम मंगरूजी निर्दलीय | निर्दलीय | 6860.8% |
| 8 | वारखडे केशव डोमाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1670.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आरमोरी से कौन जीता, 1978–2004
SHS ने यह सीट ICS से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह SHS की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 61.0% से घटकर 56.9% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में भी SHS ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978नारनवरे दिनाजी विठोबाजी (IND), जीत का अंतर 16.8%
- 1980मडावी बाबुराव नारायण (INC(I)), जीत का अंतर 46.1%
- 1985वीके सुखदेबबाबू पुंडलिक (ICS), जीत का अंतर 42.8%
- 1990वारखडे हरिराम आत्माराम (SHS), जीत का अंतर 9.2%
- 1995मडावी रामकृष्ण हरि (SHS), जीत का अंतर 9.6%
- 1999मडावी रामकृष्ण हरि (SHS), जीत का अंतर 0.3%
- 2004आनंदराव गंगाराम गेडाम (INC), जीत का अंतर 9.0%