हिंगणघाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
बोंडे वसंत लक्ष्मणराव (JD) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 34.3% वोट पाकर हिंगणघाट सीट जीती और देशमुख सुरेश बापूरावजी (INC) को 3,863 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 130 रामटेक थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 130 पालघर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। बोंडे वसंत लक्ष्मणराव 3.3% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
18 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बोंडे वसंत लक्ष्मणराव राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 40,73034.3% |
| 2 | देशमुख सुरेश बापूरावजी | 36,86731.1% | |
| 3 | शिंदे अशोक शामराव | 23,84720.1% | |
| 4 | पाटिल सिद्धार्थ नारायणराव | 5,9295.0% | |
| 5 | ढंगे श्रवण नारायणराव निर्दलीय | निर्दलीय | 4,5843.9% |
| 6 | रामटेके अशोक शिवरामजी RPK | RPK | 2,1841.8% |
| 7 | भिमराव विठ्ठलराव कापसे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3121.1% |
| 8 | वासेकर हंसराज चोखोबा निर्दलीय | निर्दलीय | 6430.5% |
| 9 | गामे दिवाकर नानाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 5130.4% |
| 10 | दाते चिंतामणराव वारलूजी निर्दलीय | निर्दलीय | 4380.4% |
| 11 | कृष्णराव सखारामजी विरुलकर निर्दलीय | निर्दलीय | 4270.4% |
| 12 | धोटे नारायण तुलसीराम | 3180.3% | |
| 13 | चंदाणी सुरेश चेलाराम निर्दलीय | निर्दलीय | 2400.2% |
| 14 | भेंडे हरिदास तानबाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1610.1% |
| 15 | नायुडु नीलकंठ गोपालस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1550.1% |
| 16 | तिमांडे भाऊराव मारोती निर्दलीय | निर्दलीय | 1370.1% |
| 17 | अब्दुल समदखान रहमानखान निर्दलीय | निर्दलीय | 880.1% |
| 18 | हेमके सुधारकर बापुराव निर्दलीय | निर्दलीय | 600.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
हिंगणघाट से कौन जीता, 1978–2004
JD ने यह सीट ICS से छीन ली, जिसने इसे 1985 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह JD की पहली जीत थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 67.8% से घटकर 67.1% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट SHS ने जीती।
- 1978कोल्हे देवरावजी झोलबाजी (INC(I)), जीत का अंतर 38.1%
- 1980कुंभारे धनराज लक्ष्मणराव (INC(I)), जीत का अंतर 26.0%
- 1985वसंत बोंडे (ICS), जीत का अंतर 10.2%
- 1990बोंडे वसंत लक्ष्मणराव (JD), जीत का अंतर 3.3%
- 1995शिंदे अशोक शामरावजी (SHS), जीत का अंतर 2.6%
- 1999शिंदे अशोक शामराव (SHS), जीत का अंतर 9.9%
- 2004तिमांडे राजू उर्फ़ मोहन वासुदेवराव (NCP), जीत का अंतर 16.6%