अकोलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1990
अरुण विष्णुजी दिवेकर (INC) ने 1990 के विधान सभा चुनाव में 37.6% वोट पाकर अकोला सीट जीती और केलकर दीपक कमलाकर (SHS) को 5,123 वोटों से हराया।
1978 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 111 अचलपुर थी। 2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2009 से सीट नंबर 111 गंगापुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
22 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अरुण विष्णुजी दिवेकर | 36,14637.6% | |
| 2 | केलकर दीपक कमलाकर | 31,02332.3% | |
| 3 | पटनायक सुभाष भागवत BRP | BRP | 13,98214.5% |
| 4 | नानासाहेब चौधरी राष्ट्रीय मोर्चा | राष्ट्रीय मोर्चा | 6,8497.1% |
| 5 | रामदास शंकरराव गायकवाड निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6472.8% |
| 6 | अजीज अहमद गुलाम रसूल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6491.7% |
| 7 | गाडगिल चन्द्रशेखर शंभूराव निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5811.6% |
| 8 | शेख हसन शेख नंदन कादरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1361.2% |
| 9 | घरडे नंदू उद्धव | 2350.2% | |
| 10 | श्रीधर पाटिल PBI | PBI | 1910.2% |
| 11 | वर्मा नानूराम मोहनलाल ICS(SCS) | ICS(SCS) | 1610.2% |
| 12 | वानखडे अशोक शवान निर्दलीय | निर्दलीय | 1440.1% |
| 13 | मनुर्या सुखराज मंगरू निर्दलीय | निर्दलीय | 650.1% |
| 14 | भोले अशोक मोतीराम | 630.1% | |
| 15 | प्रदीप प्रभुदयाल शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 580.1% |
| 16 | श्रीराम त्रिंबक व्यास JNP(JP) | JNP(JP) | 480.1% |
| 17 | दलाल मूलचंदजी कन्हैयालालजी HJP | HJP | 450.1% |
| 18 | खोकरे प्रदीप नत्थू निर्दलीय | निर्दलीय | 410.0% |
| 19 | बाजीराव पाटिल निर्दलीय | निर्दलीय | 370.0% |
| 20 | सूर्यप्रकाश श्रवण शिरसाट निर्दलीय | निर्दलीय | 320.0% |
| 21 | लुल्ला सच्चानंद केवलराम निर्दलीय | निर्दलीय | 310.0% |
| 22 | बिपीनचंद्र पालदेवदास ठक्कर निर्दलीय | निर्दलीय | 220.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 84% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.66 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अकोला से कौन जीता, 1978–2004
INC ने 1985 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.4% से घटकर 37.6% रह गया। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1985 के 57.0% से घटकर 55.5% रह गया। इसके बाद 1995 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।
- 1978खान मोहम्मद अजहर हुसैन (INC(I)), जीत का अंतर 18.0%
- 1980खान मोहम्मद अजहर हुसैन (INC(I)), जीत का अंतर 8.1%
- 1985गायकवाड रामदास शंकरराव (INC), जीत का अंतर 20.9%
- 1990अरुण विष्णुजी दिवेकर (INC), जीत का अंतर 5.3%
- 1995गोवर्धन मांगीलाल शर्मा (BJP), जीत का अंतर 26.7%
- 1999गोवर्धन मांगीलाल शर्मा (BJP), जीत का अंतर 2.3%
- 2004गोवर्धन मांगीलाल शर्मा (BJP), जीत का अंतर 5.7%