शिवाजी नगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
रविन्द्र मोरे (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 56.6% वोट पाकर शिवाजी नगर सीट जीती और किल्लेदार बी. डी. (PWP) को 19,636 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 234 औसा थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 234 शिरडी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रविन्द्र मोरे 31.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रविन्द्र मोरे कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 34,86256.6% |
| 2 | किल्लेदार बी. डी. | 15,22624.7% | |
| 3 | जोशी लक्ष्मण सोनोपंत महागठबंधन | महागठबंधन | 9,19014.9% |
| 4 | के. एम. भालेराव RPK | RPK | 1,0661.7% |
| 5 | पवार लामुवेल शांतवन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0181.6% |
| 6 | अग्रवाल मोतीलाल हिम्मतलाल | 1950.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, PWP और BJS को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.47 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शिवाजी नगर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट PWP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत लगभग 1967 जितना ही रहा: 61.3%।
- 1967बी. डी. किल्लेदार (PWP), जीत का अंतर 17.4%
- 1972रविन्द्र मोरे (INC), जीत का अंतर 31.9%