शिरडीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
कोल्हे शंकरराव गेनूजी (निर्दलीय) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 52.5% वोट पाकर शिरडी सीट जीती और रोहमारे कारभारी भिमाजी (INC) को 5,693 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 220 दिग्रस थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 220 मोहोल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कोल्हे शंकरराव गेनूजी निर्दलीय | निर्दलीय | 38,74552.5% |
| 2 | रोहमारे कारभारी भिमाजी कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 33,05244.8% |
| 3 | चांदारे यशवंत शंकर महागठबंधन | महागठबंधन | 1,5522.1% |
| 4 | साहेबराव चौधरी निर्दलीय | निर्दलीय | 3250.4% |
| 5 | दिनकरराव शिंदे निर्दलीय | निर्दलीय | 1070.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
शिरडी से कौन जीता, 1967–1972
1967 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 1967 के 69.7% से बढ़कर 74.2% हो गया।
- 1967एम. ए. गाडे (IND), जीत का अंतर 15.5%
- 1972कोल्हे शंकरराव गेनूजी (IND), जीत का अंतर 7.7%