उत्तर सोलापुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
किल्लेदार आबासाहेब बाबुराव (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 54.9% वोट पाकर उत्तर सोलापुर सीट जीती और माने ब्रह्मदेव कृष्णात (निर्दलीय) को 8,469 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 204 ब्रम्हपूरी थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 204 उदगीर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — किल्लेदार आबासाहेब बाबुराव 15.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | किल्लेदार आबासाहेब बाबुराव कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 29,97854.9% |
| 2 | माने ब्रह्मदेव कृष्णात निर्दलीय | निर्दलीय | 21,50939.4% |
| 3 | बाबरे विट्ठल गोविन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6594.9% |
| 4 | सरवदे भिमराव सिद्राम | 4560.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
उत्तर सोलापुर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 62.0% से बढ़कर 66.1% हो गया।
- 1967बी. के. माने (IND), जीत का अंतर 2.3%
- 1972किल्लेदार आबासाहेब बाबुराव (INC), जीत का अंतर 15.5%