गेवराईविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
सोलंके सुंदरराव आबासाहेब (INC) 1972 के विधान सभा चुनाव में गेवराई से निर्विरोध निर्वाचित हुए, इसलिए मतदान नहीं हुआ।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 183 काटोल थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 183 पाथरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सोलंके सुंदरराव आबासाहेब निर्विरोध निर्वाचित हुए।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
1 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सोलंके सुंदरराव आबासाहेब कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 00.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
यह सीट कितनी पक्की है?
कितने लोगों ने वोट डाला?
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
गेवराई से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट CPI से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था।
- 1967एस. टी. पवार (CPI), जीत का अंतर 15.5%
- 1972सोलंके सुंदरराव आबासाहेब (INC), निर्विरोध निर्वाचित