बडनेराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
पुरुषोत्तम के. देशमुख (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 62.1% वोट पाकर बडनेरा सीट जीती और कृष्ण राव बी. शृंगारे (RPI) को 29,630 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 115 करजत थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1978 से सीट नंबर 115 मंगरूलपीर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — पुरुषोत्तम के. देशमुख 44.2% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पुरुषोत्तम के. देशमुख कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 41,64962.1% |
| 2 | कृष्ण राव बी. शृंगारे | 12,01917.9% | |
| 3 | दत्तात्रय टी. चौधरी वाम दल | वाम दल | 7,31310.9% |
| 4 | नीलकंठ मकाराम गजभिये निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6742.5% |
| 5 | सुखदेव फगोजी तिडके RPK | RPK | 1,6202.4% |
| 6 | वाघमारे सुदाम अकाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2731.9% |
| 7 | यादव सीताराम वाथ महागठबंधन | महागठबंधन | 1,2331.8% |
| 8 | अंबुलकर प्रल्हाद गणपत निर्दलीय | निर्दलीय | 2120.3% |
| 9 | हरिभाऊ जवाराजी ब्रह्मणे निर्दलीय | निर्दलीय | 730.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, RPI और CPI को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2009 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2009 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बडनेरा से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट RPI से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1967 के 67.5% से बढ़कर 68.7% हो गया।
- 1967के.बी. शृंगारे (RPI), जीत का अंतर 14.4%
- 1972पुरुषोत्तम के. देशमुख (INC), जीत का अंतर 44.2%