पेरुम्बावूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
साजू पाल (CPM) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 47.5% वोट पाकर पेरुम्बावूर सीट जीती और पी. पी. थंकच्चन (INC) को 1,188 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में सीट नंबर 77 देवीकुलम थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 77 कलमश्शेरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पेरुम्बावूर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,188 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | साजू पाल लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | 58,60247.5% |
| 2 | पी. पी. थंकच्चन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | 57,41446.5% |
| 3 | एड. के. आर. राजगोपाल NDA | NDA | 6,1985.0% |
| 4 | टी. एन. प्रेमकुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 6230.5% |
| 5 | पौलोस पी.डी. निर्दलीय | निर्दलीय | 5230.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पेरुम्बावूर से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; CPM ने यहाँ पिछली बार 1980 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 71.7% से बढ़कर 75.3% हो गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977पी. आर. शिवन (CPM), जीत का अंतर 2.5%
- 1980पी. आर. शिवन (CPM), जीत का अंतर 9.3%
- 1982पी. पी. थंकच्चन (INC), जीत का अंतर 8.0%
- 1987थंकच्चन पी.पी. (INC), जीत का अंतर 7.5%
- 1991पी.पी. थंकच्चन (INC), जीत का अंतर 3.1%
- 1996पी.पी. थंकच्चन (INC), जीत का अंतर 4.6%
- 2001साजू पाल (CPM), जीत का अंतर 1.0%
- 2006साजू पाल (CPM), जीत का अंतर 10.4%