इरिंजालक्कुडाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
थॉमस उन्नियादन (KEC(M)) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 46.5% वोट पाकर इरिंजालक्कुडा सीट जीती और टी. शशिधरन (CPM) को 406 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में सीट नंबर 63 वडक्केक्करा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 63 गुरुवायूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
इरिंजालक्कुडा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 406 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | थॉमस उन्नियादन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | 54,24246.5% |
| 2 | टी. शशिधरन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | 53,83646.2% |
| 3 | पी. मुकुंदन मेनोन NDA | NDA | 5,5654.8% |
| 4 | शशिधरन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8671.6% |
| 5 | पी.एन. सूरन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0520.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
KEC(M), CPM और BJP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.31 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इरिंजालक्कुडा से कौन जीता, 1977–2006
KEC(M) ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह KEC(M) की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 69.2% से बढ़कर 73.7% हो गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी KEC(M) ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977सिद्धार्थन कट्टुंगल (INC), जीत का अंतर 3.2%
- 1980जोएस थानिक्कल (INC(U)), जीत का अंतर 11.7%
- 1982लोनप्पन नंबाडन (IND), जीत का अंतर 9.9%
- 1987लोनप्पन नंबाडन (IND), जीत का अंतर 12.0%
- 1991लोनप्पन नंबाडन (IND), जीत का अंतर 9.2%
- 1996लोनप्पन नंबाडन (IND), जीत का अंतर 6.1%
- 2001थॉमस उन्नियादन (KEC(M)), जीत का अंतर 0.3%
- 2006एड. थॉमस उन्नियादन (KEC(M)), जीत का अंतर 6.9%