चेरपुविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
एड.के.पी. राजेंद्रन (CPI) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 48.2% वोट पाकर चेरपु सीट जीती और एम.के. कन्नन (निर्दलीय) को 2,243 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में सीट नंबर 57 चालाकुडी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 57 तरूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। एड.के.पी. राजेंद्रन 2.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एड.के.पी. राजेंद्रन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | 51,99548.2% |
| 2 | एम.के. कन्नन निर्दलीय | निर्दलीय | 49,75246.2% |
| 3 | पी.आर. सिधान NDA | NDA | 3,6683.4% |
| 4 | सी.सी. गोपालन निर्दलीय | निर्दलीय | 6310.6% |
| 5 | सी.वी. बाबूराज निर्दलीय | निर्दलीय | 6090.6% |
| 6 | के.वी. शाजीलाल निर्दलीय | निर्दलीय | 6060.6% |
| 7 | सी.एन. सिद्धार्थन मास्टर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | 5210.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI और एक निर्दलीय को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चेरपु से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPI ने जीता है: यह लगातार उसकी सातवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.1% से घटकर 48.2% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 69.5% से बढ़कर 70.8% हो गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977के. पी. प्रभाकरन (CPI), जीत का अंतर 7.1%
- 1980के. पी. प्रभाकरन (CPI), जीत का अंतर 10.2%
- 1982आर. पी. प्रभाकरन (CPI), जीत का अंतर 5.7%
- 1987वी. वी. राघवन (CPI), जीत का अंतर 7.2%
- 1991वी.वी. राघवन (CPI), जीत का अंतर 4.4%
- 1996के.पी. राजेंद्रन (CPI), जीत का अंतर 5.2%
- 2001एड.के.पी. राजेंद्रन (CPI), जीत का अंतर 2.1%
- 2006एड.वी.एस. सुनीलकुमार (CPI), जीत का अंतर 14.0%