सुल्तान बत्तेरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
के.सी. रोसाकुट्टी (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 47.5% वोट पाकर सुल्तान बत्तेरी सीट जीती और वर्गीस वैद्यर (CPM) को 2,506 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में सीट नंबर 30 मंकडा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 30 कुन्नमंगलम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। के.सी. रोसाकुट्टी 2.2% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के.सी. रोसाकुट्टी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | 53,05047.5% |
| 2 | वर्गीस वैद्यर लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | 50,54445.2% |
| 3 | पी.के. माधवन | 7,2736.5% | |
| 4 | असैन मावडी निर्दलीय | निर्दलीय | 3900.3% |
| 5 | के. भगीरथन निर्दलीय | निर्दलीय | 2070.2% |
| 6 | मुहम्मद पोकर निर्दलीय | निर्दलीय | 1690.1% |
| 7 | फॉरेन चाको निर्दलीय | निर्दलीय | 1390.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPM और BJP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सुल्तान बत्तेरी से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1982 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 39.9% से बढ़कर 47.5% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 81.2% से घटकर 72.5% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।
- 1977के. राघवन मास्टर (INC), जीत का अंतर 9.0%
- 1980के. के. रामचन्द्रन मास्टर (INC(I)), जीत का अंतर 11.0%
- 1982के. के. रामचंद्रन (INC), जीत का अंतर 4.9%
- 1987के.के. रामचन्द्रन मास्टर (INC), जीत का अंतर 4.2%
- 1991के.सी. रोसाकुट्टी (INC), जीत का अंतर 2.2%
- 1996वर्गीस वैद्यर (CPM), जीत का अंतर 1.1%
- 2001एन.डी. अप्पाचन (INC), जीत का अंतर 18.6%
- 2006पी. कृष्ण प्रसाद (CPM), जीत का अंतर 20.4%