इरविपुरमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
पी.के.के. बावा (MUL) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 48.2% वोट पाकर इरविपुरम सीट जीती और वी.पी. रामकृष्ण पिल्लई (निर्दलीय) को 622 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में सीट नंबर 125 नेडुमंगाड थी। 2011 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं; इस सीट का नंबर और नाम वही रहा। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
इरविपुरम का फ़ैसला सिर्फ़ 0.5% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 622 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पी.के.के. बावा | 55,97248.2% | |
| 2 | वी.पी. रामकृष्ण पिल्लई निर्दलीय | निर्दलीय | 55,35047.7% |
| 3 | पी.एस. नटराजन | 3,6283.1% | |
| 4 | एस. राधाकृष्णन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | 6810.6% |
| 5 | हरिदास निर्दलीय | निर्दलीय | 2540.2% |
| 6 | वी. हर्षकुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 2310.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
MUL और एक निर्दलीय को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
कोल्लम ज़िला · 26.4 लाख लोग · जनगणना 2011
काजू उत्पाद के लिए प्रसिद्ध।
यह ज़िलाटूटी रेखा = भारत
यहाँ कौन रहता है?
यहाँ कौन-कौन से धर्म माने जाते हैं?
- हिंदू64.4%
- मुस्लिम19.3%
- ईसाई16.0%
- सिख<0.1%
- बौद्ध<0.1%
- अन्य धर्म (आदिवासी आस्थाओं समेत)<0.1%
- नहीं बताया0.3%
नल में पानी, बिजली और शौचालय वाले घर
सेहत और परिवार
आसपास के प्रसिद्ध स्थान
1 प्रसिद्ध स्थानप्रसिद्ध स्थानों के आँकड़े: Wikidata (CC0) · ASI (भारत सरकार, आधिकारिक)। तस्वीरें: Wikimedia Commons (हर फ़ाइल का अपना CC / पब्लिक-डोमेन लाइसेंस, हर फ़ाइल देखें)। नक्शे का डेटा © OpenStreetMap contributors.
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
इरविपुरम से कौन जीता, 1977–2026
MUL ने यह सीट RSP से छीन ली, जिसने इसे 1987 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह MUL की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 79.7% से घटकर 72.3% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में यह सीट RSP ने जीती।
- 1977आर.एस. उन्नी (RSP), जीत का अंतर 24.6%
- 1980आर. एस. उन्नी (RSP), जीत का अंतर 17.3%
- 1982आर. एस. उन्नी (RSP), जीत का अंतर 1.0%
- 1987वी. पी. रामकृष्ण पिल्लई (RSP), जीत का अंतर 6.3%
- 1991पी.के.के. बावा (MUL), जीत का अंतर 0.5%
- 1996वी.पी. रामकृष्ण पिल्लई (RSP), जीत का अंतर 4.2%
- 2001ए.ए. अज़ीज़ (RSP), जीत का अंतर 0.0%
- 2006ए.ए. अज़ीज़ (RSP), जीत का अंतर 20.9%
- 2011ए.ए. अज़ीज़ (RSP), जीत का अंतर 7.7%
- 2016एम. नौशाद (CPM), जीत का अंतर 23.1%
- 2021एम. नौशाद (CPM), जीत का अंतर 22.1%
- 2026एड. विष्णु मोहन (RSP), जीत का अंतर 6.7%