वैकमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
पी. के. राघवन (CPI) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 48.4% वोट पाकर वैकम सीट जीती और पी. के. गोपी (INC) को 376 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में सीट नंबर 96 कुट्टनाड थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 96 एट्टुमानूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
वैकम का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 376 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | पी. के. राघवन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | 44,98548.4% |
| 2 | पी. के. गोपी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | 44,60947.9% |
| 3 | के. एन. रवि निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1462.3% |
| 4 | के. के. मोहनन निर्दलीय | निर्दलीय | 6510.7% |
| 5 | पोन्नप्पन उमनकारी निर्दलीय | निर्दलीय | 3660.4% |
| 6 | पी. कुट्टन निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.2% |
| 7 | कुंजुकोचु कोचोला निर्दलीय | निर्दलीय | 1160.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
वैकम से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPI ने जीता है: यह लगातार उसकी चौथी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 49.5% से घटकर 48.4% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1982 के 80.1% से बढ़कर 85.6% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1977एम. के. केशवन (CPI), जीत का अंतर 22.7%
- 1980एम. के. केशवन (CPI), जीत का अंतर 18.1%
- 1982एम. के. केशवन (CPI), जीत का अंतर 0.8%
- 1987पी. के. राघवन (CPI), जीत का अंतर 0.4%
- 1991के.के. बालकृष्णन (INC), जीत का अंतर 1.0%
- 1996एम.के. केशवन (CPI), जीत का अंतर 9.2%
- 2001पी. नारायणन (CPI), जीत का अंतर 7.3%
- 2006के. अजित (CPI), जीत का अंतर 8.7%