पालाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
के. एम. मणि (निर्दलीय) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 55.0% वोट पाकर पाला सीट जीती और के. एस. सेबॅस्टियन (ICS(SCS)) को 10,545 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में सीट नंबर 94 एलेप्पी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 94 कडुतुरुत्ती है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. एम. मणि निर्दलीय | निर्दलीय | 46,48355.0% |
| 2 | के. एस. सेबॅस्टियन ICS(SCS) | ICS(SCS) | 35,93842.5% |
| 3 | स्टीफन अगस्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 6910.8% |
| 4 | वी. ओ. पीटर निर्दलीय | निर्दलीय | 5310.6% |
| 5 | जोसेफ निर्दलीय | निर्दलीय | 2320.3% |
| 6 | आर. गोपालकृष्णन नायर निर्दलीय | निर्दलीय | 1780.2% |
| 7 | जनार्दनन निर्दलीय | निर्दलीय | 1530.2% |
| 8 | जोसेफ चेरियन निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.2% |
| 9 | ए. ई. लुका निर्दलीय | निर्दलीय | 1020.1% |
| 10 | टी. आर. करुणाकरन निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
| 11 | सेबॅस्टियन जुसेफ निर्दलीय | निर्दलीय | 690.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और ICS(SCS) को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.07 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पाला से कौन जीता, 1977–2006
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट KEC से छीन ली, जिसने इसे 1982 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1982 के 74.2% से बढ़कर 81.3% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट KEC(M) ने जीती।
- 1977के. एम. मणि (KEC), जीत का अंतर 22.9%
- 1980के. एन. मणि (KEC), जीत का अंतर 6.2%
- 1982के. एम. मणि (KEC), जीत का अंतर 18.8%
- 1987के. एम. मणि (IND), जीत का अंतर 12.5%
- 1991के.एम. मणि (KEC(M)), जीत का अंतर 18.8%
- 1996के.एम. मणि (KEC(M)), जीत का अंतर 27.7%
- 2001के. एम. मणि (KEC(M)), जीत का अंतर 26.8%
- 2006के. एम. मणि (KEC(M)), जीत का अंतर 8.6%