अझिक्कोड (अऴिक्कोड)विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
एम. वी. राघवन (निर्दलीय) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 48.6% वोट पाकर अझिक्कोड (अऴिक्कोड) सीट जीती और ई. पी. जयराजन (CPM) को 1,389 वोटों से हराया। ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में सीट नंबर 9 तलिपरम्बा थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 9 इरिक्कूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
अझिक्कोड (अऴिक्कोड) का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,389 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. वी. राघवन निर्दलीय | निर्दलीय | 41,62948.6% |
| 2 | ई. पी. जयराजन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | 40,24047.0% |
| 3 | के. एन. नारायणन | 2,8873.4% | |
| 4 | के. कोरन निर्दलीय | निर्दलीय | 7540.9% |
| 5 | पी. टी. पी. अब्दुल्लाह निर्दलीय | निर्दलीय | 1190.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और CPM को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.18 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अझिक्कोड (अऴिक्कोड) से कौन जीता, 1977–2006
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1982 में जीता था। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1982 के 75.9% से बढ़कर 85.6% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।
- 1977चतयन गोविन्दन (CPM), जीत का अंतर 9.7%
- 1980पी. देवूट्टी (CPM), जीत का अंतर 22.6%
- 1982पी. देवूट्टी (CPM), जीत का अंतर 16.4%
- 1987एम. वी. राघवन (IND), जीत का अंतर 1.6%
- 1991ई.पी. जयराजन (CPM), जीत का अंतर 7.9%
- 1996टी.के. बैलान (CPM), जीत का अंतर 15.3%
- 2001टी.के. बैलान (CPM), जीत का अंतर 9.1%
- 2006एम. प्रकाशन मास्टर (CPM), जीत का अंतर 29.0%