नादापुरमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
सत्यन मोकेरी (CPI) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 47.6% वोट पाकर नादापुरम सीट जीती और एन.पी. मोइदीन (INC) को 1,257 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में सीट नंबर 18 क्विलांडी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 18 सुल्तान बत्तेरी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नादापुरम का फ़ैसला सिर्फ़ 1.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,257 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सत्यन मोकेरी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | 46,94547.6% |
| 2 | एन.पी. मोइदीन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट | 45,68846.4% |
| 3 | सी.पी. कन्नन | 4,2814.3% | |
| 4 | के.सी. बालकृष्णन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4371.5% |
| 5 | टी.के. कलंदन हाजी निर्दलीय | निर्दलीय | 2260.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI और INC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नादापुरम से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPI ने जीता है: यह लगातार उसकी चौथी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.8% से घटकर 47.6% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1982 के 79.7% से बढ़कर 83.5% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977कंडलोट्टु कुन्हंबू (CPI), जीत का अंतर 10.3%
- 1980के. टी. कणारन (CPI), जीत का अंतर 7.2%
- 1982के. टी. कणारन (CPI), जीत का अंतर 2.9%
- 1987सत्यन मोकेरी (CPI), जीत का अंतर 1.3%
- 1991सत्यन मोकेरी (CPI), जीत का अंतर 6.6%
- 1996सत्यन मोकेरी (CPI), जीत का अंतर 11.9%
- 2001बिनय विश्वम (CPI), जीत का अंतर 4.8%
- 2006बिनय विश्वम (CPI), जीत का अंतर 13.9%