कुट्टनाडविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
के. सी. जोसेफ (KEC) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 48.0% वोट पाकर कुट्टनाड सीट जीती और एम. एम. अँन्थोनी (CPM) को 3,263 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1970 में सीट नंबर 102 चेंगन्नूर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 102 अरूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। के. सी. जोसेफ 3.8% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. सी. जोसेफ | 41,09648.0% | |
| 2 | एम. एम. अँन्थोनी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट | 37,83344.2% |
| 3 | वी. एस. विजया कुमार | 5,4626.4% | |
| 4 | जोसे टी. अलेंचेरी निर्दलीय | निर्दलीय | 4910.6% |
| 5 | जैकब सेबॅस्टियन निर्दलीय | निर्दलीय | 2950.3% |
| 6 | जोर्ज कैपडाश्शेरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1710.2% |
| 7 | टी. आई. थॉमस निर्दलीय | निर्दलीय | 1470.2% |
| 8 | एम. आर. एच. शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 560.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
KEC, CPM और BJP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.32 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुट्टनाड से कौन जीता, 1977–2006
KEC ने यह सीट KEC(J) से छीन ली, जिसने इसे 1982 में जीता था; KEC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1982 के 80.2% से बढ़कर 84.0% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी KEC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977ईप्पन कंडकुडी (KEC), जीत का अंतर 11.1%
- 1980ओमन मात्यु (KEC(J)), जीत का अंतर 5.8%
- 1982के. सी. जोसेफ (KEC(J)), जीत का अंतर 4.2%
- 1987के. सी. जोसेफ (KEC), जीत का अंतर 3.8%
- 1991के.सी. जोसेफ (KEC), जीत का अंतर 10.4%
- 1996के.सी. जोसेफ (KEC), जीत का अंतर 4.7%
- 2001डॉ. के. सी. जोसेफ (KEC), जीत का अंतर 12.3%
- 2006थॉमस चांडी (DIC), जीत का अंतर 6.5%