अम्बलप्पुझा (अम्बलप्पुऴा)विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1970
वी. एस. अच्युतानंदन (CPM) ने 1970 के विधान सभा चुनाव में 49.0% वोट पाकर अम्बलप्पुझा (अम्बलप्पुऴा) सीट जीती और के. के. कुमार पिल्लई (RSP) को 2,768 वोटों से हराया। ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
1965 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1960 में सीट नंबर 95 चेवायूर थी। 1970 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 95 कडुतुरुत्ती है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। वी. एस. अच्युतानंदन 4.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | वी. एस. अच्युतानंदन वाम दल | वाम दल | 28,59649.0% |
| 2 | के. के. कुमार पिल्लई | 25,82844.3% | |
| 3 | कलारकोड प्रभाकरन नायर | 2,6604.6% | |
| 4 | चेम्पिल पंकज किशन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1622.0% |
| 5 | के. एस. शंकर पिल्लई निर्दलीय | निर्दलीय | 920.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और RSP को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अम्बलप्पुझा (अम्बलप्पुऴा) से कौन जीता, 1965–1970
CPM ने 1967 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.9% से घटकर 49.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 1967 के 77.5% से बढ़कर 79.3% हो गया।