आर्यनाडविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1970
सोमा शेखरन नायर (SOP) ने 1970 के विधान सभा चुनाव में 48.1% वोट पाकर आर्यनाड सीट जीती और अबूबकर कुन्ज (RSP) को 5,556 वोटों से हराया।
1965 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1960 में कोई सीट नंबर 124 नहीं थी। 1970 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 124 क्विलोन है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सोमा शेखरन नायर | 18,40148.1% | |
| 2 | अबूबकर कुन्ज | 12,84533.6% | |
| 3 | संकरन निर्दलीय | निर्दलीय | 5,26213.8% |
| 4 | आर. बी. उण्णित्तान | 1,2333.2% | |
| 5 | मीरा साहिब निर्दलीय | निर्दलीय | 2030.5% |
| 6 | वी. पी. नायर निर्दलीय | निर्दलीय | 2020.5% |
| 7 | इवांस जोसेफ निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
SOP, RSP और एक निर्दलीय को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
आर्यनाड से कौन जीता, 1965–1970
SOP ने यह सीट SSP से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1965 से शुरू होता है, यह SOP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1967 के 68.3% से घटकर 62.0% रह गया।