कुन्नतूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1970
सत्यपालन (RSP) ने 1970 के विधान सभा चुनाव में 52.3% वोट पाकर कुन्नतूर सीट जीती और ओनमप्लाम प्रभाकरन (निर्दलीय) को 11,480 वोटों से हराया।
1965 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1960 में सीट नंबर 112 होसदुर्ग थी। 1970 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 112 पथनमथीट्टा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सत्यपालन 20.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सत्यपालन | 29,00852.3% | |
| 2 | ओनमप्लाम प्रभाकरन निर्दलीय | निर्दलीय | 17,52831.6% |
| 3 | टी. कृष्णन | 6,20311.2% | |
| 4 | सी. के. कुन्ज कुन्ज निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8333.3% |
| 5 | चन्द्रन निर्दलीय | निर्दलीय | 4950.9% |
| 6 | टी. के. कुन्ज कुन्ज निर्दलीय | निर्दलीय | 4280.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
RSP, एक निर्दलीय और KEC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.59 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
कुन्नतूर से कौन जीता, 1965–1970
RSP ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1967 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1965 से शुरू होता है, यह RSP की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत लगभग 1967 जितना ही रहा: 73.1%।