अकलकुन्नमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
जे. ए. चाको (KEC) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 43.2% वोट पाकर अकलकुन्नम सीट जीती और एम. जी. के. नायर (CPM) को 2,279 वोटों से हराया।
1965 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1960 में सीट नंबर 86 तिरूर थी। 1970 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 86 पीरमेड है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जे. ए. चाको | 18,04943.2% | |
| 2 | एम. जी. के. नायर वाम दल | वाम दल | 15,77037.8% |
| 3 | एम. टी. जोसेफ | 7,92119.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
KEC, CPM और INC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.73 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
अकलकुन्नम से कौन जीता, 1965–1970
KEC ने यह सीट KC से छीन ली, जिसने इसे 1965 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1965 के 77.4% से घटकर 74.3% रह गया। इसके बाद 1970 के चुनाव में भी KEC ने यह सीट अपने पास रखी।