गुरुवायूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
बी.वी.एस. थंगल (MUL) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 46.9% वोट पाकर गुरुवायूर सीट जीती और ए.ए. कोचुन्नी (INC) को 463 वोटों से हराया।
1965 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1960 में सीट नंबर 59 पेरुम्बावूर थी। 1970 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 59 ओल्लूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
गुरुवायूर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 463 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बी.वी.एस. थंगल | 20,98646.9% | |
| 2 | ए.ए. कोचुन्नी | 20,52345.8% | |
| 3 | एम.पी. गणेशन | 3,2747.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
MUL, INC और KEC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.30 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
गुरुवायूर से कौन जीता, 1965–1970
MUL ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 1965 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1965 के 78.5% से घटकर 74.2% रह गया। इसके बाद 1970 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।