त्रिवेंद्रम IIविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
के.सी. वामदेवन (निर्दलीय) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 53.7% वोट पाकर त्रिवेंद्रम II सीट जीती और डब्ल्यू. सेबॅस्टियन (INC) को 6,062 वोटों से हराया।
1965 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1960 में कोई सीट नंबर 128 नहीं थी। 1970 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 128 अट्टिगंल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
11.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के.सी. वामदेवन निर्दलीय | निर्दलीय | 27,80653.7% |
| 2 | डब्ल्यू. सेबॅस्टियन | 21,74442.0% | |
| 3 | पी.ए.एम. बषीर | 1,1652.3% | |
| 4 | एन. सुकुमारन स्वतंत्र पार्टी | स्वतंत्र पार्टी | 8621.7% |
| 5 | आई. हमीद निर्दलीय | निर्दलीय | 2150.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.15 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 1977 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 1977 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
त्रिवेंद्रम II से कौन जीता, 1965–1970
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1965 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1965 के 66.1% से घटकर 64.8% रह गया। इसके बाद 1970 के चुनाव में यह सीट RSP ने जीती।