करुनागप्पल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1967
बी. जॉन (निर्दलीय) ने 1967 के विधान सभा चुनाव में 58.5% वोट पाकर करुनागप्पल्ली सीट जीती और के. वी. एस. पन्निकर (INC) को 12,043 वोटों से हराया।
1965 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1960 में कोई सीट नंबर 115 नहीं थी। 1970 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 115 पुनलूर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बी. जॉन 21.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बी. जॉन निर्दलीय | निर्दलीय | 32,22758.5% |
| 2 | के. वी. एस. पन्निकर | 20,18436.6% | |
| 3 | के. जलालुद्दीन | 1,7293.1% | |
| 4 | के. चेल्लप्पन निर्दलीय | निर्दलीय | 9491.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और INC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.09 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
करुनागप्पल्ली से कौन जीता, 1965–1970
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1965 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1965 के 79.6% से घटकर 77.9% रह गया। इसके बाद 1970 के चुनाव में यह सीट RSP ने जीती।