मट्टानचेरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1965
एम. पी. मुहम्मद जाफरखान (निर्दलीय) ने 1965 के विधान सभा चुनाव में 49.6% वोट पाकर मट्टानचेरी सीट जीती और के. के. विश्वनाथन (INC) को 8,982 वोटों से हराया।
1965 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1960 में सीट नंबर 66 मणलूर थी। 1970 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 66 नाट्टिका है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — एम. पी. मुहम्मद जाफरखान 17.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | एम. पी. मुहम्मद जाफरखान निर्दलीय | निर्दलीय | 24,93349.6% |
| 2 | के. के. विश्वनाथन | 15,95131.8% | |
| 3 | टी. एम. अबू वाम दल | वाम दल | 4,5579.1% |
| 4 | एन. पी. ललन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0084.0% |
| 5 | वी. के. प्रभाकर मेनोन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3022.6% |
| 6 | पी. आर. मात्यु निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1452.3% |
| 7 | बी. मानेकजी खोना निर्दलीय | निर्दलीय | 3480.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय, INC और CPI को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मट्टानचेरी से कौन जीता, 1965–1970
इसके बाद 1967 के चुनाव में यह सीट MUL ने जीती।