श्रीकृष्णपुरमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1965
सी. गोविंदा पणिक्कर (CPM) ने 1965 के विधान सभा चुनाव में 52.1% वोट पाकर श्रीकृष्णपुरम सीट जीती और एम. नारायण कुरुप (INC) को 6,908 वोटों से हराया।
1965 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1960 में सीट नंबर 39 कांजिरप्पल्ली थी। 1970 के चुनाव के लिए कुछ सीटों के नंबर बदले गए। 1970 से सीट नंबर 39 पट्टाम्बी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सी. गोविंदा पणिक्कर 21.7% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सी. गोविंदा पणिक्कर | 16,57152.1% | |
| 2 | एम. नारायण कुरुप | 9,66330.4% | |
| 3 | ई.पी. गोपालन वाम दल | वाम दल | 4,58114.4% |
| 4 | एम.आर. कुन्हिरामा गुप्तन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0093.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और CPI को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.60 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
ऴ: तमिल और मलयालम की 'ழ' / 'ഴ' ध्वनि (ल और ड़ के बीच की है)
श्रीकृष्णपुरम से कौन जीता, 1965–1967
इसके बाद 1967 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1965सी. गोविंदा पणिक्कर (CPM), जीत का अंतर 21.7%
- 1967सी.जी. पणिक्कर (CPM), जीत का अंतर 32.7%