अडूरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1965
के. के. गोपालन नायर (KC) ने 1965 के विधान सभा चुनाव में 34.9% वोट पाकर अडूर सीट जीती और पी. रामलिंग अय्यर (CPI) को 2,364 वोटों से हराया।
1965 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1960 में सीट नंबर 113 कासरगोड थी। 1970 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 113 कोन्नी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। के. के. गोपालन नायर 4.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | के. के. गोपालन नायर KC | KC | 17,65134.9% |
| 2 | पी. रामलिंग अय्यर वाम दल | वाम दल | 15,28730.3% |
| 3 | के. एस. परमेश्वरन पिल्लई | 8,86517.5% | |
| 4 | एन. रामचन्द्रन उण्णित्तान | 6,79113.4% | |
| 5 | के. करुणाकरन नायर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2162.4% |
| 6 | पी. ओ. थॉमस निर्दलीय | निर्दलीय | 7211.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 83% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.80 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अडूर से कौन जीता, 1965–1970
इसके बाद 1967 के चुनाव में यह सीट CPI ने जीती।