कारकलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
सुनील कुमार (BJP) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 53.1% वोट पाकर कारकल सीट जीती और गोपाला भंडारी एच. (INC) को 9,795 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 150 येलहंका है।
विजेता
10.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुनील कुमार NDA | NDA | 52,06153.1% |
| 2 | गोपाला भंडारी एच. UPA | UPA | 42,26643.1% |
| 3 | पंडरीनाथ शेनॉय वाई. KNDP | KNDP | 2,2052.3% |
| 4 | आनन्द बंदीमाता सी. | 1,5601.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.14 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कारकल से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1999 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1978 से शुरू होता है, यह BJP की पहली जीत थी। यह 1985 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1999 के 67.0% से बढ़कर 73.7% हो गया।
- 1978एम. वीरप्पा मोइली (INC(I)), जीत का अंतर 16.6%
- 1983वीरप्पा मोइली एम. (INC), जीत का अंतर 11.7%
- 1985एम. वीरप्पा मोइली (INC), जीत का अंतर 8.2%
- 1989एम. वीरप्पा मोइली (INC), जीत का अंतर 25.9%
- 1994एम. वीरप्पा मोइली (INC), जीत का अंतर 21.4%
- 1999एच. गोपाला भंडारी (INC), जीत का अंतर 26.2%
- 2004सुनील कुमार (BJP), जीत का अंतर 10.0%