नरसिंहराजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2004
तनवीर सैत (INC) ने 2004 के विधान सभा चुनाव में 54.2% वोट पाकर नरसिंहराज सीट जीती और मारुति राव पवार ई. (JD(S)) को 24,609 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 116 सोरब है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — तनवीर सैत 24.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तनवीर सैत UPA | UPA | 54,46254.2% |
| 2 | मारुति राव पवार ई. | 29,85329.7% | |
| 3 | अनवरजी एम. NDA | NDA | 5,5895.6% |
| 4 | महेश आर. एन. | 3,6163.6% | |
| 5 | तारिक सैत JP | JP | 3,0403.0% |
| 6 | कृष्णमूर्ति आर KNDP | KNDP | 1,3051.3% |
| 7 | राजेश जे. एन. | 1,0051.0% | |
| 8 | शांतप्पा एस. निर्दलीय | निर्दलीय | 6440.6% |
| 9 | पुष्पा USYP | USYP | 5100.5% |
| 10 | विशकांते गौउड़ा एच. आर. निर्दलीय | निर्दलीय | 4660.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, JD(S) और JD(U) को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.58 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नरसिंहराज से कौन जीता, 1978–2004
INC ने 1999 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.5% से बढ़कर 54.2% हो गया। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1999 के 60.0% से घटकर 46.9% रह गया।