चन्नपटनाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
सी. पी. योगेश्वर (निर्दलीय) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 46.0% वोट पाकर चन्नपटना सीट जीती और सादत अली खान (INC) को 18,828 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 93 बेल्लारी है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सी. पी. योगेश्वर 17.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
4 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सी. पी. योगेश्वर निर्दलीय | निर्दलीय | 50,71646.0% |
| 2 | सादत अली खान | 31,88828.9% | |
| 3 | एम. वर्देगौडा | 16,26914.8% | |
| 4 | टी. पी. पुट्टा सिद्देगौड़ा NDA | NDA | 11,35010.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.05 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चन्नपटना से कौन जीता, 1978–2004
एक निर्दलीय उम्मीदवार ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था। मतदान प्रतिशत 1994 के 80.4% से घटकर 69.0% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।
- 1978डी.टी. रामू (INC(I)), जीत का अंतर 19.1%
- 1983एम. वरदे गौउड़ा (राजू) (JNP), जीत का अंतर 8.2%
- 1985एम. वरदे गौउड़ा (राजू) (JNP), जीत का अंतर 11.4%
- 1989सआदत अली खान (INC), जीत का अंतर 8.0%
- 1994एम. वरदे गौउड़ा (JD), जीत का अंतर 24.4%
- 1999सी. पी. योगेश्वर (IND), जीत का अंतर 17.1%
- 2004योगेश्वर सी. पी. (INC), जीत का अंतर 13.4%