होसदुर्गविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
बी. जी. गोविंदप्पा (निर्दलीय) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 24.1% वोट पाकर होसदुर्ग सीट जीती और एल्कल विजयकुमार (निर्दलीय) को 1,227 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 50 बीदर है।
विजेता
होसदुर्ग का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,227 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बी. जी. गोविंदप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 26,37224.1% |
| 2 | एल्कल विजयकुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 25,14523.0% |
| 3 | ठा बसवराज NDA | NDA | 17,51716.0% |
| 4 | एम. पी. कंबेश निर्दलीय | निर्दलीय | 14,36713.1% |
| 5 | एच. सी. मल्लिकार्जुन निर्दलीय | निर्दलीय | 9,1368.3% |
| 6 | एच. डी. पांडुरंगप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 8,9568.2% |
| 7 | उमादेवी | 5,7215.2% | |
| 8 | एच. पी. जगदीश | 2,2712.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 63% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 5.87 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
होसदुर्ग से कौन जीता, 1978–2004
1994 की तरह इस बार भी यहाँ एक निर्दलीय उम्मीदवार जीता। मतदान प्रतिशत 1994 के 72.5% से बढ़कर 73.2% हो गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट INC ने जीती।