बीदरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
रमेशकुमार पांडे (BJP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 33.8% वोट पाकर बीदर सीट जीती और बंडेप्पा माणिकप्पा खासिमपुर (INC) को 2,090 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 4 कागवाड है।
विजेता
बीदर का फ़ैसला सिर्फ़ 1.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,090 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रमेशकुमार पांडे NDA | NDA | 44,27033.8% |
| 2 | बंडेप्पा माणिकप्पा खासिमपुर | 42,18032.2% | |
| 3 | सैयद ज़ुल्फ़िक़ार हाशमी | 41,69931.8% | |
| 4 | एन.एफ़. शाहीन पटेल | 1,4151.1% | |
| 5 | अफसर खान गदगी बषीर खान गदगी निर्दलीय | निर्दलीय | 6510.5% |
| 6 | सुरेश स्वामी मनहल्ली निर्दलीय | निर्दलीय | 2770.2% |
| 7 | हज विश्वनाथ बसप्पा चिद्री निर्दलीय | निर्दलीय | 2260.2% |
| 8 | सैयद मुजाहिद अली सैयद सादिक अली हमिलापुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1630.1% |
| 9 | एम.ए. हान्नान मलिक निर्दलीय | निर्दलीय | 980.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
बीदर से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने यह सीट BSP से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था; BJP ने यहाँ पिछली बार 1989 में जीत दर्ज की थी। 1978 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1994 के 56.8% से बढ़कर 64.2% हो गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती।
- 1978वीरशेट्टी मोगलप्पा कुसनूर (INC(I)), जीत का अंतर 31.3%
- 1983नारायण राव मनहल्ली (BJP), जीत का अंतर 10.8%
- 1985मोहम्मद लैकुद्दीन बुरानुद्दीन (INC), जीत का अंतर 5.7%
- 1989नारायण राव (BJP), जीत का अंतर 2.0%
- 1994सैयद जुल्फेकार हाशमी (बाबा पटेल) (BSP), जीत का अंतर 3.6%
- 1999रमेशकुमार पांडे (BJP), जीत का अंतर 1.6%
- 2004बंडेप्पा खासेमपुर (IND), जीत का अंतर 20.1%