कुडलिगीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
सिराज शेक (INC) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 41.7% वोट पाकर कुडलिगी सीट जीती और एन. टी. बोम्मन्ना (BJP) को 18,093 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 36 शोरापुर है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सिराज शेक 18.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सिराज शेक | 39,82541.7% | |
| 2 | एन. टी. बोम्मन्ना NDA | NDA | 21,73222.7% |
| 3 | एन. एम. नबी | 13,57214.2% | |
| 4 | जे. एम. रत्ना नाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 11,29311.8% |
| 5 | अंगड़ी गाविसिद्दप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 7,0497.4% |
| 6 | एम. येर्रिस्वामी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1341.2% |
| 7 | के. रामप्पा निर्दलीय | निर्दलीय | 9831.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 79% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.77 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कुडलिगी से कौन जीता, 1978–2004
INC ने यह सीट JD से छीन ली, जिसने इसे 1994 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1989 में जीत दर्ज की थी। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1994 के 69.3% से घटकर 66.4% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में यह सीट BJP ने जीती।