तीर्थहल्लीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1999
आरगा ज्ञानेंद्र (BJP) ने 1999 के विधान सभा चुनाव में 37.9% वोट पाकर तीर्थहल्ली सीट जीती और किम्मने रत्नाकर (JD(S)) को 4,102 वोटों से हराया।
2004 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2008 से सीट नंबर 163 शांतिनगर है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। आरगा ज्ञानेंद्र 4.6% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
3 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आरगा ज्ञानेंद्र NDA | NDA | 33,77837.9% |
| 2 | किम्मने रत्नाकर | 29,67633.3% | |
| 3 | कडीलाल दिवाकर | 25,68228.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
BJP, JD(S) और INC को 100% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.96 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2008 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2008 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
तीर्थहल्ली से कौन जीता, 1978–2004
BJP ने 1994 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 35.6% से बढ़कर 37.9% हो गया। यह 1978 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1994 के 75.2% से घटकर 74.2% रह गया। इसके बाद 2004 के चुनाव में भी BJP ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1978कडीलाल दिवाकर (INC(I)), जीत का अंतर 30.5%
- 1983डी. बी. चंद्र गौउड़ा (JNP), जीत का अंतर 4.1%
- 1985पटामक्की रत्नाकर (INC), जीत का अंतर 0.1%
- 1989डी. बी. चंद्रेगौड़ा (JD), जीत का अंतर 3.7%
- 1994आरगा ज्ञानेंद्र (BJP), जीत का अंतर 3.3%
- 1999आरगा ज्ञानेंद्र (BJP), जीत का अंतर 4.6%
- 2004आरगा ज्ञानेंद्र (BJP), जीत का अंतर 1.4%